Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #937
समय · Time
रात गंवाई सोय कर, दिवस गंवायो खाय। हीरा जनम अमोल था, कोड़ी बदले जाय।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp