Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #981

ध्यान · Meditation

चतुराई क्‍या कीजिये, जो नहिं शब्‍द समाय। कोटिक गुन सूवा पढ़ै, अन्‍त बिलाई खाय।।