जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान। मोल करो तरवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥
भावार्थ: साधु की जाति मत पूछो, उसका ज्ञान पूछो। मूल्य तलवार का लगाया जाता है, म्यान का नहीं।
1Kabir Amritwani
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जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान। मोल करो तरवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥
भावार्थ: साधु की जाति मत पूछो, उसका ज्ञान पूछो। मूल्य तलवार का लगाया जाता है, म्यान का नहीं।
1ऐसी वाणी बोलिये, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय॥
भावार्थ: ऐसी वाणी बोलनी चाहिए जो अहंकार से रहित हो — जो दूसरों को शीतलता दे और स्वयं को भी शांत करे।
2मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। कहै कबीर हरि पाइये, मन ही की परतीत॥
भावार्थ: मन हार जाए तो हार है, मन जीत जाए तो जीत। कबीर कहते हैं — ईश्वर भी मन के विश्वास से ही मिलते हैं।
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